असफलता को सफलता में बदलने का मार्ग (1/7)

आज हम बात करने जा रहे हैं वह विषय है असफलता जो हमारी गलतियों की वजह से हमें मिलती है.

तो गलतियाँ कोई समस्या नहीं हैं, लेकिन उनसे नहीं सीखने का अवसर छोड़ देना गलती है. अपनी गलतियों को पहचानें और उन से जल्दी सीख लेवें, और उन्हें ना दोहराना यह सफल लोगों की क्वालिटी होती है. कई सफल लोगों ने अनेक प्रकार की विफलता का अनुभव किया है – और वे उन से अपने जीवन में आदर्शों का निर्माण करते हैं।

अच्छी तरह से असफल होने का मतलब है अपनी गलतियों को समझना सीखना, और हर गलती में वृद्धि की संभावना है.

आपने आज के पूर्व कोई गलती की हो और उससे कोई सीट ना मिली हो तो उस गलती  हमारे साथ साझा करें हम बताएंगे उनसे क्या सीख ली जा सकती है….

कुछ लोग आपके जीवन के लिए नहीं बने हैं …

कुछ लोग आपके दिल में होते हैं और आपके जीवन में नहीं होते हैं।

यदि आपके जीवन में कठिन समय आया है, जो आपको छोड़ देने वाले किसी व्यक्ति को जाने का मौका देता है, तो महसूस करें कि यदि वे रहना चाहते हैं, तो वे अभी भी वहीं रहेंगे।

कभी-कभी आपको भूल जाना चाहिए कि क्या चला गया है, और जो अभी भी बाकी है उसकी जरूर सराहना करें और आगे आने वाले लोगों से मिलने के लिए तत्पर रहें…

जब आप जानते हैं कि आपको उन्हें जाने देना होगा, लेकिन आप ऐसा नहीं करते क्योंकि आप अभी भी कुछ चमत्कार होने की उम्मीद कर रहे हैं।

देखिये, थोड़ी देर के लिए दर्द होगा, लेकिन आपको उस व्यक्ति के बारे में भूलना होगा, जो आपके बारे में भूल गया था, और आगे बढ़ गया।

एक “जाने देने” का और आगे बढने का दिन है!

आपकी खुशी ही आपको सफलता की ओर ले जाती है.

यह बात हमने कई बार सुनी है की खुशी यह सफलता की कुंजी है.

आज हम यह जानने की कोशिश करते हैं कि ऐसा क्यों है? जब हम खुश रहते हैं तब हमारा दिमाग यह पॉजिटिव तरीके से सोचना शुरु करता है, उसके कारण हमारे होने वाले सारे निर्णय भी पॉजिटिव होते हैं और उन निर्णयों का आउटकम भी पॉजिटिव ही निकलता है.

निर्णय पॉजिटिव होना मतलब क्या?
जब हम खुश रहते हैं तब हमारे दिमाग की वेवलेंथ उन लोगों के साथ मैच होती है जो खुश है और जब यह वेवलेंथ  मैच हो जाती है, तब दोनों ही जन यह सकारात्मक और फायदे वाला निर्णय ले लेते हैं.

इसीलिए समय-समय पर 2 कामों के बीच ऐसा काम करें जिससे आपको खुशी मिलती हो.

स्वास्थ्य को समय – भाग 5

आज हम बात करने जा रहे है, नींद की…
हमारे दिन भर के स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए, सही मात्रा में सोना बेहद जरूरी है…

अब यह सही मात्रा है या नहीं इसका निर्णय कौन लेगा?

तो आपका स्वयं का शरीर बताएगा की यह मात्रा सोने के लिए सही है…

आज रात आप बिना अलार्म लगाए सो जाए और सुभ जब आपकी पहली बार नींद खुले, झट से अपने आप से इमानदार होकर, पानी पी लीजिये और जो काम आपने सोचा हुआ है उसे करने लग जाए…

आपको दिनभर उर्जावान तो महसूस होगा ही, साथ ही आपके शरीर को पूर्ण नींद मिल चुकी है… इस तकनीक को लागू होने में थोड़ा समय देना होगा और जो बदलाव महसूस हो रहे है उस पर फोकस रखना होगा…

आज आपका दिन जगमगाता रहे…

Contact Akhil